गेहूं क्षार एक प्राचीन और घरेलु उपाय है l जानिए गेहूं क्षार कैसे बनाएं , इसके 12 प्रमुख फायदे, सही तरीका, सावधानियां और वास्तविक अनुभव l पूरी जानकारी हिंदी में l
गेहूं क्षार: रामबाण घरेलू दवा जो बदल देगी आपकी सेहत
गेहूं क्षार एक प्राचीन घरेलु उपचार है जिसका जिक्र आयुर्वेदिक और प्राचीन चिकित्सा में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है l आज कल की भागती हुई जिंदगी में लोग अपनी सेहत को प्रकृति तरीके से सुधारने के लिए गेहूं क्षार की ओर जा रहे है l
गेहूं क्षार क्या है?
गेहूं के दाने को अलग करने के बाद गेहूं के पौधे को जला कर राख करके बनाई जाने वाली प्राकृतिक दावा है यह पाचन संबंधित समस्याओं, त्वचा रोगों, बलों की समस्या, कमजोरी और कई सारे रोगों में काम आता है l
गेहूं क्षार बनाने की विधि
गेहूं के दाने को अलग करने के बाद गेहूं के पौधे को जला कर राख बना ले और इसके राख को चार गुना पानी में भिगोकर कपड़े मेसे छानकर रखें l जब पानी निकल जाये और मैल नीचे बैठ जाय तो उस निकले हुए पानी को सावधानी से अलग करके लोहे की कढ़ाई में डालकर धीमें आंच पर पाए l जब पानी सुख जाए तो कढ़ाई को आंच पर से उतार ले और इसमें लगी हुई सफेद चीज को खुरच कर बारीक पिसे और कपड़े में से छानकर शिशि में रखे यह गेहू का क्षार है l
गेहूं क्षार के विभिन्न रोगों में फायद
काली खांसी:- गेहूं की क्षार, कीकर की गोंद, अफीम, मुलहठी सत,सबको बराबर मात्रा में मिला कर पानी की सहायता से गोली बना लेl एक से दो साल के बच्चे को एक गोली सुबह दे l दो से चार वर्ष तक के बच्चे को दो गोली सुबह व शाम , चार से आठ वर्ष के बच्चे को 3-4 गोली सुबह शाम पानी के साथ दे l
नोट:- खटाई और तेल की वस्तुओं से परहेज करवाएं l
बवासीर:- एक एक ग्राम गेहूं के क्षार को सुबह शाम ताजा पानी के साथ खाने से खूनी बवासीर में आराम मिलता है l
अफारा :- गेहूं क्षार एक ग्राम गरम पानी के साथ खाने से अफारा से आराम मिलता है l
जिगर विकार:- एक एक ग्राम गेहूं के क्षार सुबह गाय के छाछ के साथ और ताजा पानी के साथ सेवन करने से तिल्ली और जिगर विकार में लाभदायक है l
दमा :- एक ग्राम गेहूं क्षार को गरम पानी या ताजा पानी के साथ सुबह शाम देने से दमे का रोग दूर होता है l
पथरी : एक ग्राम गेहूं के क्षार को सुबह शाम पानी के साथ देने से इस रोग में आराम मिलता है l
पेट के कीड़े:- एक ग्राम गेहूं के क्षार को सुबह गाय की छाछ और साथ में पानी के साथ खिलाने से पेट के हर प्रकार के कीड़े दूर होते हैं l
वायु गोला:- एक एक ग्राम गेहूं के क्षार सुबह गरम पानी के साथ देने से वायुगोला ठीक हो जाता है l
सूजाक :- एक ग्राम गेहूं क्षार को सुबह गरम पानी के साथ सेवन करने से सुजाक दूर होता है- इसी प्रकार सेवन करने से रुका मूत्र खुलकर आने लगता है l
ख़ासी:- गेहूं का क्षार एक एक भाग, गुड़ दो भाग, दोनों को मिला कर एक एक ग्राम की गोली बना ले l एक एक गोली दिन में दो तीन बार मुंह में रखकर चूसने से खासी ठीक हो जाता है l
बदहजमी:- गेहूं क्षार एक भाग, सोठ दो भाग दोनों को बारीक पीसकर कपड़े से छान ले l एक एक ग्राम दिन तीन चार बार गुनगुना पानी के साथ सेवन करने से बदहजमी दूर होता है l यदि दस्त हो और इसमें खून आता हो या आँव आती हो तभी इसी प्रकार सेवन करें l
आँखों की लाली:- अर्क गुलाब 32 ग्राम में गेहूं क्षार दो रत्ती घोल कर रखें l दिन में 2-3 बार इसकी दो दो बूंद आँखों में डालने से दुखद नेत्रों को ठीक कर्ता है l इसे घाव, खुजली, दर्द और लालि तुरंत ठीक हो जाता है l
क्षीण दृष्टी:- गेहूं क्षार एक भाग, काला सूरमा 5 भाग दोनों को एक सप्ताह तक निम्ब के रस में खरल करे l सुबह शाम इसे आँखों में लगाने से नजर की कमजोरी दूर होती हैं l
दत मंजन:- गेहूं क्षार, हर और बहेड़ा आंवला सबको समान मात्रा में लेकर बारीक पीस ले और कपड़े से छानकर l इसे मंजन के रूप मे सुबह शाम उंगली के साथ दांतों और मसूड़ों पर लगाए और दस मिनट पाश्चात
ताजा या गर्म जल से मुह को साफ कर ले l यह दांतों का मैल, मुह की दुर्गंध, ज़बान के छाले, मसूड़ों में खुन आना, इत्यादि कष्टों को दूर करता है l
पीड़ा:- गेहूं क्षार और नौसादर बराबर वजन बारीक पीसकर रख लेl गरम दूध या ताजा पानी के साथ चार रत्ती सेवन करने से शरीर के कीसी भाग में पीड़ा हो आराम मिलता है l
सावधान:- गेहूं क्षार लगातार सेवन पुरुषों के पूरषत्व तथा स्त्रियों की छातियों को कमजोर कर देता है l इसका सेवन कभी कभी और औषधि के रूप मे ही होना चाहिए l